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.अनाज को पानी में भिंगोकर खा
रहे है लोगjagran08/27/2008 03:53 PM
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सहरसा। पानी की तेज रफ्तार का कोलाहल। भय के मारे अपने
दूधमुंहे बच्चों को सीने से चिपका राहत की बाट जोह रही आंखें। यही है बाढ़
पीड़ितों की सच्चाई। हालात इतने बिगड़ गये हैं कि बाढ़ राहत पैकेट नहीं मिलने की
वजह से लोग अनाज को पानी में फुलाकर खा रहे है।
मंगलवार को सोनवर्षा राज प्रखंड के बड़गांव पंचायत में स्थिति भयावह बनी हुई है।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य कुंदन कुमार झा ने बताया कि उनके पंचायत के बड़गांव,
मोतीबासा, बलिया गांव के अधिकांश लोग जलावन के अभाव में अनाज को पानी में
फुलाकर खाने को विवश है। इसी प्रखंड के लगमा पंचायत के वार्ड सदस्य सुंदरकांत
झा ने बताया कि उनके पंचायत के सभी गांव जलमगन् है। उन्होंने बताया कि मुखिया
शरद चन्द्र झा ने पंचायत की ओर से चार नाव गांव में दिया है। इसी प्रकार पतरघट
प्रखंड के पामा, किशनपुर, विष्णुपुर,कपसिया, गोलमा पश्चिमी, लक्ष्मीपुर,
सौरबाजार प्रखंड के कांप, रहिमपुर बासा, कचरा, कढ़ैया, फोरसाहा, सकाली
बासा,बिजयपुर, गैना मुसहरी, सिलेठ भरना, बेलवाड़ा टोल, सलीम टोला, सूहथ, सूहथ
भरना, गौड़ापूर्वी एवं पश्चिमी टोला, कतराहा मुसहरी, बुद्धि मुसहरी, सेठजी बासा,
टेमाटोला, शर्माटोली, गोढ़ी व राय टोला, भवटिया, हनुमान नगर चकला, बेलदारी की
स्थिति काफी गम्भीर बनी हुई है। पंचायत की मुखिया रेणु देवी ने जिलाधिकारी को
पत्र प्रेषित कर समुचित मात्रा में नाव मुहैया कर अविलम्ब राहत कार्य चलाने की
मांग की है। इसी प्रकार सोनवर्षा प्रखंड के सहसौल, गोआरी, ननौती, महुआ बाजार,
बैठ मुसहरी,काशनगर तथा बनमा इटहरी के सुगमा, खुरेशान, रसलपुर, सहुरिया, बादशाह
नगर, इटहरी समेत कई गांव के लोग बाढ़ की चपेट में आने के कारण त्राहि-त्राहि कर
रहे है। जो भी हो स्थिति की भयावहता से निजात पाना निकट भविष्य में कठिन है।
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