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बंगलोर से पदक जीत कर लौटी
मिथिला की बेटी
jagran --
08/19/2008 02:15 PM
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दरभंगा। हौसले बुलंद हों तो सफलता अवश्य ही कदम चूमती है। इसे
सच कर दिखाया है मिथिला की बेटी सुवी ने जो पांव से विकलांग होते हुए भी खेल
में तेजी से आगे बढ़ रही है और मेडल जुटा रही है। वह बंगलोर से राष्ट्रीयस्तर
की बैडमिंटन प्रतियोगिता से कांस्य पदक लेकर लौटी है। मालेश्वरम एसोसिएशन
बंगलुरु की ओर से गत 8 से 18 अगस्त तक विकलांगों के लिए आयोजित सातवें नेशनल
बैडमिंटन फार चैलेंज्ड 2008 में शिरकत करने गयी स्थानीय मशरफ बाजार शिवाजीनगर
की सुवी कुमारी ने बताया कि प्रतियोगिता में 12 राज्यों से 14 प्रतिभागियों ने
शिरकत की थी। इसमें सुवी तीसरे स्थान पर रही, पर इससे उसके उत्साह पर कोई फर्क
नहीं है। वह कहती है कि नियमित अभ्यास कर रही है और आगे प्रतियोगिताओं में वह
सर्वोच्च स्थान लाकर दिखायेगी। स्थानीय सीएम कालेज से स्नातक प्रतिष्ठा कर चुकी
सुवी ने इससे पहले मुजफ्फरपुर में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में हुई
प्रतियोगिता में शार्टपुट, डिस्कस और जैबलिंग में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। अपनी
सफलता को वह पटना की संस्था समर्पण एवं सेवाश्रम दरभंगा के सहयोग के साथ ही मां
रेखा भगत व पिता मोहन भगत द्वारा मिलने वाले प्रोत्साहन का परिणाम बताती है।
फिलहाल वह चेन्नैई में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में शिरकत के लिए तलवारबाजी
का अभ्यास कर रही है। इसमें सेवाश्रम के गाजी खान मदद कर रहे हैं। वह कहती है
कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर देश के लिए पदक जीतकर लाने की
तमन्ना है। यह मुराद 2011 में पूरा होने की उम्मीद है, क्योंकि मुजफ्फरपुर में
संपन्न नेशनल कोचिंग कैंप में एथेंस के लिए उसका चयन किया गया है।
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