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गंगा
का जलस्तर बढ़ा, पानी जाए तो कहां
jagran --
08/18/2008 04:05 PM
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पटना राजधानी में बारिश के पानी को बाहर फेंकने की समस्या इन
दिनों गंभीर हो गयी है। उत्तारी पटना के स्टार्म वाटर को गंगा में पंप किये जाने
की व्यवस्था है। मुसीबत यह है कि गंगा में इन दिनों जलस्तर काफी बढ़ गया है। ऐसे
में पानी जाए तो कहां। बारिश के दौरान दक्षिणी पटना के पानी को पुनपुन तथा
उत्तारी पटना के स्टार्म वाटर को गंगा में फेंकने में की व्यवस्था है। उत्तारी
तथा दक्षिणी पटना की भौगोलिक स्थितियों में काफी फर्क है। जहां दक्षिणी पटना
यानी कंकड़बाग, बहादुरपुर समेत मेन रेल लाइन के दक्षिण पड़ने वाले इलाके। इन इलाकों
के पानी को सामान्य दिनों में भी पुनपुन में पंप करने की जरूरत होती है। वहीं
उत्तारी पटना यानी रेलवे लाइन के दूसरी तरफ पड़ने वाले इलाकों में सामान्य दिनों
में आम इस्तेमाल का पानी नालों के जरिये गंगा तक पहुंचता है। अब गंगा में
जलस्तर बढ़ जाने से उत्तारी पटना के स्टार्म वाटर को निकालने में जबरदस्त संकट
की स्थिति पैदा हो गयी है। गंगा इस इलाके के पानी को ले जाने वाले नालों के
लगभग समानान्तर बह रही है। ऐसे में गंगा के बहाव में तेजी आने पर पानी शहर की
तरफ आने लग रहा है। इस स्थिति से नगर निगम व जलपर्षद के अधिकारी परेशान हैं। वे
हाल में उत्तारी पटना में हुये गंभीर जलजमाव और नालों में आये उफान के पीछे इसी
तथ्य को रेखांकित करते हैं। उनका कहना है कि ऐसी हालत में संप हाउसों की पूरी
क्षमता को इस्तेमाल किया जाना भी संभव नहीं है। अभी हाल में उत्तारी पटना में
हुये भीषण जलजमाव के दौरान राज्य के गृह विभाग के प्रधान सचिव और कैबिनेट के
प्रधान सचिव सहित शासन के आला अधिकारी, मंत्री और विधायक से लेकर आमजन के आवास
तक जलजमाव से घिर गये थे। हालत यह हो गयी थी कि मात्र दो तीन घंटे की बारिश में
मंदिरी नाले के दोनों ओर सड़क पर पानी बहने लगा।
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