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मुशर्रफ ने दिया इस्तीफा
jagran --
08/18/2008 03:55 PM
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इस्लामाबाद। अपने ऊपर मंडरा रहे महाभियोग के खतरों से निजात
पाने के लिए तकरीबन आठ वर्षो के शासन के बाद पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने
आज राष्ट्र के नाम पैगाम के दौरान अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।
मुशर्रफ ने कहा कि इस्तीफा नेशनल असेंबली के स्पीकर को सौंप दिया जाएगा।
अपने संदेश के दौरान उन्होंने कहा कि मैं यह पाकिस्तान की जनता पर छोड़ता हूं।
उन्हें तय करने दीजिए और उन्हें न्याय करने दीजिए। उन्होंने पूरे विश्वास के
साथ कहा कि कोई भी आरोप मेरे सामने ठहर नहीं सकता लेकिन मैं देश में टकराव और
अस्थिरता नहीं चाहता।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि मैं नहीं चाहता था कि राष्ट्रपति का पद
महाभियोग प्रक्रिया के दायरे में आए। मुझे नहीं लगता कि यह समय बहादुरी दिखाने
का है। मुशर्रफ ने कहा कि वह संसद को खरीद फरोख्त से बचाना चाहते हैं। अगर
महाभियोग प्रस्ताव गिर गया तो राष्ट्रपति और सरकार के बीच रिश्ते बेहतर नहीं रह
जाएंगे।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने राष्ट्र के नाम अपने पैगाम में कहा
कि आज का दिन अहम फैसलों का दिन है। मुशर्रफ ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप
पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं।
उन्होंने कहा कि ये आरोप राष्ट्र के हितों को नुकसान पहुंचाएंगे एवं उनके खिलाफ
लगाए गए इन आरोपों से अवाम को छला जा रहा है। मुशर्रफ ने अपने संदेश में कहा कि
मेरी नियत साफ है।
मुशर्रफ ने यह भी कहा कि सरकार को अतीत को भुला देना चाहिए और पाकिस्तान की
राजनीतिक समस्याओं को हल करने के लिए भविष्य की तरफ देखना चाहिए। उन्होंने कहा
कि उनके खिलाफ गलत छवि सृजित कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है कि उनकी पिछले
आठ साल की हुकूमत के दौरान देश आर्थिक तबाही की तरफ बढ़ रहा था और पिछले आठ
वर्ष में उन्होंने पाकिस्तान में लोकतंत्र की भावना उत्पन्न की।
मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को वैश्विक मानचित्र में स्थान दिलाया और
अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके देश की बात सुनी गई। पाक राष्ट्रपति ने कहा कि मैं
राजनीतिक सुलह सहमति के लिए प्रयासरत था लेकिन दुर्भाग्यवश यह सफल नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि वह सरकार या लोगों के खिलाफ षड्यंत्रों में शामिल नहीं हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ किसी भी आरोप को सिद्ध नहीं किया जा सकता।
मुशर्रफ ने कहा कि मैं आठ वर्ष के अपने अनुभव सरकार को बताने के लिए तैयार हूं
लेकिन गठबंधन को लगता है कि मैं समाधान नहीं बल्कि समस्या हूं। उन्होंने बड़े
भावुक मुद्रा में कहा कि चाहे वह जीतें या हारें इससे पराजय पाकिस्तान का ही
माना जाएगा, जो कि मैं कतई नहीं चाहूंगा।
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