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चार साल में एक अरब की संपत्ति
बनाई लालू ने
jagran --
08/13/2008 06:22 PM
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पटना। रेल मंत्री
लालू प्रसाद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जदयू ने आरोप लगाया कि उन्होंने चार
वर्षो में सौ करोड़ की सम्पत्ति बनाई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह
उर्फ ललन सिंह ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में नमूने के तौर पर सम्पत्ति
सम्बन्धी कुछ दस्तावेज जारी करते हुए प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से लालू
प्रसाद को रेल मंत्री के पद से फौरन बर्खास्त करने की मांग की।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी के कहा कि अगर लालू प्रसाद को
केन्द्रीय मंत्रिमंडल से नहीं हटाया गया तो माना जाएगा कि सोनिया गांधी और डा.
मनमोहन सिंह भ्रष्टाचारियों के पोषक हैं। जदयू इसे लोकसभा चुनाव में खास मुद्दा
बनाएगा। श्री तिवारी ने कहा कि लालू प्रसाद के इस कारनामे के बाबत जदयू का एक
प्रतिनिधिमंडल शीघ्र प्रधानमंत्री से मिलेगा। उनके अनुसार लालू प्रसाद की
सम्पत्ति विदेशों में भी है।
ललन सिंह ने कहा कि 'हम इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए केन्द्र सरकार को
15 दिन का समय देते हैं। इस दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ, तो हम आगे की कार्रवाई
करेंगे।' उन्होंने कहा कि खुलेआम नौकरियां बेचने वाले रेलमंत्री से चूंकि
नैतिकता की उम्मीद नहीं है इसलिए हम लालू प्रसाद को बर्खास्त करने की मांग कर
रहे हैं।
श्री सिंह के अनुसार लालू प्रसाद ने जमीन अर्जित करने के तीन तरीके अख्तियार
किए। एक-गरीबों की जमीन अपने परिवार के नाम लिखाकर नौकरी देना। दूसरा-रेलवे की
सम्पत्ति ठेके पर देने के बदले जमीन रजिस्ट्री कराना। तीसरा-दूसरों के नाम जमीन
खरीदने के कुछ वर्षो बाद अपने परिवार के नाम दान पत्र लिखवाना, तथा सहयोगियों
को राजनीतिक फायदा देकर उनकी सम्पत्ति प्राप्त करना। श्री सिंह ने दस्तावेजों
का हवाला देते हुए कहा कि किशुनदेव राय ने सगुना में अपनी 3375 वर्गफीट जमीन
राबड़ी देवी के नाम पांच फरवरी 08 को लिखी। इसके बदले उनके परिवर के कई सदस्यों
को सेंट्रल जोन में नौकरी दी गई। संजय राय, धर्मेद्र राय और रविंद्र राय ने
दानापुर क्षेत्र में अपनी 3375 वर्गफीट डीह फरवरी 08 को राबड़ी देवी के नाम लिखी।
इसके एवज में इस परिवार के भी कई सदस्यों को सेंट्रल जोन (मुम्बई) में नौकरी
मिली। मनोज कुमार, राजेश कुमार, विनोद कुमार, गोपीकृष्ण एवं सुशीला देवी ने 25
फरवरी 08 को सगुना (दानापुर) में अपनी ढाई कट्ठा जमीन लालू प्रसाद के पुत्र
तेजस्वी यादव के नाम लिखी। मनोज के परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी मिली। सगुना
के ही बालदेव राय ने अपनी जमीन श्री प्रसाद के परिजनों के नाम लिखी, जिसके बदले
में उनके चार परिजनों ने रेलवे में नौकरी पाई। इसी तरह योगेंद्र नारायण,
वीरेंद्र नारायण व राकेश नारायण ने दानापुर में क्रमश: 12061 वर्गफीट, 5954.50
एवं 6030 वर्गफीट जमीन 23 जनवरी, 28 जनवरी एवं 20 फरवरी 08 को एके इन्फोसिस
प्राइवेट लिमिटेड (दिल्ली) के नाम रजिस्ट्री की। इस कम्पनी में लालू प्रसाद के
दामाद पार्टनर हैं। श्री सिंह ने बताया कि किरण देवी ने लगभग 1.8 एकड़ जमीन 26
नवम्बर 07 को लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती के नाम लिखी। सात दिसम्बर 07 को
पन्ना लाल सिंह ने पटना में अपनी 57.5 डिस्मिल जमीन मीसा भारती के नाम लिखी। 28
दिसम्बर 07 को शोभा कुमारी ने अपनी 60 डिस्मिल जमीन लालू प्रसाद के पुत्र
तेजप्रताप के नाम लिखी। रामाधार चौधरी ने फुलवरिया में 8 सितम्बर 05 को अपनी
जमीन तेजप्रताप के नाम लिखी। श्री सिंह ने रेलवे की सम्पत्ति ठेके पर देने के
बदले जमीन लिखवाने की भी व्यापक जानकारी दी।
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